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पुस्तकालय समय: सोम - शनि प्रातः 8:30 - सायं 4:30

दृष्टि, ध्येय एवं उद्देश्य

हमारी दृष्टि, ध्येय और उद्देश्य - पुस्तकालय विज्ञान के पाँच सूत्रों से निर्देशित।

होम / दृष्टि, ध्येय एवं उद्देश्य

दृष्टि

ज्ञान का ऐसा केंद्र बनना जो बेहतर समाज का निर्माण करे।

ध्येय

गुणवत्तापूर्ण सूचना संसाधनों और सेवाओं तक समय पर पहुँच उपलब्ध कराना।

उद्देश्य

संतुलित संग्रह बनाना, ई-संसाधनों को बढ़ावा देना और पढ़ने की आदत विकसित करना।

हमारे उद्देश्य

हम किस ओर काम करते हैं

  • संतुलित संग्रह विकसित करना।
  • ई-संसाधनों और शोध को बढ़ावा देना।
  • पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना।
  • अध्यापन, अधिगम और शोध को सहयोग देना।
  • हर पाठक को सूचना-साक्षर बनाना।
  • बुक बैंक के माध्यम से जरूरतमंदों की सेवा करना।
मार्गदर्शक सिद्धांत

पुस्तकालय विज्ञान के पाँच सूत्र

भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन द्वारा प्रतिपादित।

1

पुस्तकें उपयोग के लिए हैं

पुस्तकें पढ़ने के लिए हैं, ताले में रखने के लिए नहीं।

2

हर पाठक को उसकी पुस्तक

हर व्यक्ति अपनी आवश्यकता की सही पुस्तक का अधिकारी है।

3

हर पुस्तक को उसका पाठक

हमारे संग्रह की हर पुस्तक का कोई पाठक प्रतीक्षा में है।

4

पाठक का समय बचाएँ

व्यवस्थित अलमारियाँ और अच्छी सूची यानी तेज़ उत्तर।

5

पुस्तकालय एक बढ़ता जीवंत तंत्र है

पुस्तकालय पुस्तकों, सेवाओं और विचारों में निरंतर बढ़ता है।